राज्य कृषि प्रबन्ध संस्थान

रहमानखेड़ा, लखनऊ, उत्तर प्रदेश

परिचय

राज्य स्तरीय फार्म मशीनरी परीक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) को कृषि यंत्रों के परीक्षण के लिये भारत सरकार के पत्र संख्या एफ.8 - 1/2004 और कृषि और सहकारिता मंत्रालय (मशीनीकरण और प्रौद्योगिकी प्रभाग), कृषि भवन, नई दिल्ली के पत्र संख्याः एम एंड टी (आई एवं पी), दिनांक 09 नवम्बर, 2011 द्वारा मान्यता प्रदान की गयी है।

कृषि उपकरणों के लिये उपयुक्त नीतियों को विकसित करने, कृषि तकनीक के उचित पैकेज आदि के लिये इंजीनियरिंग निवेश पर्याप्त सहायता प्राप्त कर रहे हैं। अब हम यह कहने की स्थिति में हैं कि विभिन्न संगठनों और कृषि विश्वविद्यालयों में ऐसी गतिविधियों में शामिल अनुसंधान और विकास समूह ने प्रशंसनीय योगदान दिया है। अभी भी, कृषि शक्ति और मशीनरी ने भारतीय कृषि में बढ़ती आबादी की मांग को पूरा करने के लिये कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बिना इंजीनियरिंग निवेश के भूमि की उत्पादकता में वृद्धि नही हो पा रही है जो कि बढ़ती दक्षता उपयोग के लिये आवश्यक है। पिछले दशकों में यह पाया गया है कि श्रम की कमी कृषि की प्रगति में महत्वपूर्ण बाधा है। इसलिये, इंजीनियरिंग के बेहतर उपयोग के जरिए श्रम की उत्पादकता बढ़ाने पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए जिससे भूमि की उत्पादकता में वृद्धि होगी। किसानों को प्रदान की जाने वाली फार्म मशीनों की क्रियाशीलता और उनकी जीवन पर्यन्त विश्वस्वनीयता सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके लिये, अच्छी तरह से स्थापित मानकीकरण प्रक्रिया के अनुसार मशीनों का परीक्षण इसकी गुणवत्ता और प्रदर्शन के साथ न्याय करने के लिये सबसे महत्वपूर्ण मानदंड है। इसलिये उपयोग-कर्ताओं को गुणवत्तापरक मशीने उपलब्ध कराने के लिये कृषि उपकरणों के परीक्षण और मूल्यांकन को बढ़ावा देना होगा और उन्हें त्वरित गति प्रदान करना होगा। यह कृषि उत्पादन में वृद्धि और उद्योगों के विकास के लिये कृषि कार्य को सुखद कार्य बनाने में मदद करेगा।