राज्य कृषि प्रबन्ध संस्थान

रहमानखेड़ा, लखनऊ, उत्तर प्रदेश

दिशा निर्देश

  1. परीक्षण के दौरान मशीन/ कम्पोनेन्ट/ उपकरण के कस्टडी भण्डारण अथवा परिवहन के दौरान टूट-फूट क्षति एवं दुर्घटना यदि कोई हो तो न तो परीक्षण प्राधिकारी और न ही परीक्षण कार्य में लगे कर्मचारी को जिम्मेदार नही ठहराया जा सकेगा।
  2. यदि विशिष्ट परीक्षण आवश्यक है तो उस पर होने वाला समस्त व्यय आवेदनकर्ता द्वारा वहन किया जायेगा।
  3. मंत्रालय के अनुमोदन से परीक्षण शुल्क की समीक्षा एवं पुनरीक्षण संयन्त्रों के रख-रखाव और परीक्षण में प्रयुक्त उपकरण की लागत के सन्दर्भ में किया जा सकता है।
  4. आवेदनकर्ता परीक्षण के दौरान सर्विसिंग के लिये आवश्यक विशेष संयंत्र एवं वृहद मरम्मत कार्य सूची सहित उपलब्ध कराना होगा।
  5. यदि परीक्षण के दौरान किसी मशीन को सड़क पर चलाना है तो आवेदनकर्ता को मोटर वाहन कानून के अन्तर्गत आवश्यक स्वीकृति प्राप्त करना होगा।
  6. मशीन के किसी भाग यथा डिस्क, हल, शेयर, कल्टीवेटर टाइन आदि के परीक्षण के लिये आवेदनकर्ता को मानक मशीन की सम्पूर्ण इकाई उपलब्ध करानी होगी, जिसमें ये भाग (कम्पोनेन्ट) फिट होंगे। कृषि डिस्क की दशा में एक पूर्ण डिस्क हैरो और/ या हल उपलब्ध कराना होगा, यदि परीक्षण प्राधिकारी को इसकी आवश्यकता हो।
  7. आवेदनकर्ता द्वारा उपरोक्त विनियमों के अन्तर्गत समस्त औपचारिकताएं पूर्ण करने के उपरान्त परीक्षण प्राधिकारी द्वारा मशीन/ कम्पोनेन्ट का परीक्षण प्रारम्भ किया जायेगा।
  8. परीक्षण पूर्ण होने और परीक्षण शुल्क का पूर्ण भुगतान होने के पश्चात् परीक्षण प्रतिवेदन के आलेख की प्रति आवेदनकर्ता को उसके परीक्षणार्थ एवं टिप्पणी हेतु उपलब्ध कराया जायेगा। यदि आवेदनकर्ता भारत में है तो उसे पन्द्रह दिन के अन्दर अपनी टिप्पणी से अवगत कराना होगा। विदेश में होने की स्थिति में अथवा जहाँ प्रतिवेदन किसी अन्य देश में मूल रूप में सन्दर्भित किया जाना है, टिप्पणी चालीस दिनों के अन्दर प्राप्त हो जानी चाहिए। यदि आवेदनकर्ता निर्धारित अवधि में अपनी टिप्पणी उपलब्ध नही कराता है तो परीक्षण प्राधिकारी परीक्षण प्रतिवेदन को निर्गत कर सकता है। वाणिज्यिक परीक्षण प्रतिवेदन की दशा में यदि आवेदनकर्ता की टिप्पणी परीक्षण रिपोर्ट के विषय वस्तु में तकनीकी रूप से कुछ योगदान करता है तो परीक्षण प्राधिकारी के विवेकानुसार इसे परीक्षण प्रतिवेदन में पृथक अध्याय श्आवेदनकर्ता की टिप्पणीश् के रूप में सम्मिलित किया जायेगा।
  9. परीक्षण प्रतिवेदन तीन प्रतियों में आवेदनकर्ता को निःशुल्क उपलब्ध कराया जायेगा। प्रतिवेदन की अतिरिक्त प्रतियाँ लागत के भुगतान पर उपलब्ध कराया जायेगा, जिसका निर्धारण समय-समय पर परीक्षण प्राधिकारी द्वारा किया जायेगा।
  10. परीक्षण प्राधिकारी द्वारा परीक्षण रिपोर्ट किसी विशेष मॉडल/ ब्रान्ड के लिये निर्गत किया जायेगा, जो परीक्षण के लिये प्रस्तुत किया गया है।
  11. परीक्षण प्राधिकारी द्वारा निर्गत परीक्षण प्रतिवेदन में केवल मॉडल/ ब्रान्ड विशेष, जो परीक्षण के लिये प्रस्तुत किया गया है, के सम्बन्ध में आंकड़े उपलब्ध कराता है किन्तु यह किसी भी दशा में सरकार या परीक्षण प्राधिकारी का परीक्षित मशीन का अनुमोदन नही इंगित करता है।
  12. किसी भी मशीन के परीक्षण के दौरान अन्तरिम परीक्षण प्रतिवेदन निर्गत नही किया जायेगा।
  13. उत्तर प्रदेश सरकार किसी भी समय किसी को भी बिना नोटिस जारी किये उपरोक्त विनियमों में संशोधन का अधिकार सुरक्षित रखता है और यह संशोधन/ परिवर्तन सभी सम्बन्धित व्यक्तियों/ संस्थाओं के लिये आध्यकारी होगा।

6.5 विचारों की अभिव्यक्ति के लिये अतिरिक्त विनियमन

  1. मशीन के परीक्षण हेतु निर्धारित शुल्क का आधा विचारों की अभिव्यक्ति निर्गत करने हेतु शुल्क के रूप में निर्धारित है। यह परीक्षण प्राधिकारी के विवेक पर निर्भर करता है कि वह विचार की अभिव्यक्ति निर्गत करें अथवा नही। निदेशक को उत्तर प्रदेश सरकार से विचार की अभिव्यक्ति के पूर्व अनुमोदन प्राप्त करना होगा।
  2. विचार की अभिव्यक्ति आवेदनकर्ता के लिये गोपनीय है और वह बिना परीक्षण अधिकारी की लिखित अनुमति प्राप्त किये इसे प्रभावित नही कर सकता है।