राज्य कृषि प्रबन्ध संस्थान

रहमानखेड़ा, लखनऊ, उत्तर प्रदेश

दिशा निर्देश

  1. उत्तर प्रदेश सरकार के पास परीक्षण परिणाम पूर्णतया अथवा टिप्पणी एवं अतिरिक्त सूचना सहित किसी अंश को प्रकाशित करने अथवा किसी व्यक्ति जिसे वह उचित समझता है, को सूचित करने का अधिकार सुरक्षित है।
  2. यदि मशीन का विपणन बिना परीक्षण के किया जा रहा है तो कृषकों के हित में, राज्य सरकार के निर्देशानुसार संस्थान देश में बिक्री हो रही किसी भी मशीन के वयवसायिक परीक्षण एवं उसके परिणाम को प्रकाशित करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
  3. परीक्षण के दौरान मशीन के विशेष भाग में टूट-फूट/ नष्ट होने की दशा में आवेदनकर्ता को उसी तकनीकी विशिष्टियों वाले नये पार्टस से बदलना होगा। परीक्षण प्राधिकारी मशीन के किसी भाग को बदलने हेतु स्वीकृति प्रदान कर सकता है जो आवेदनकर्ता के संज्ञान में सामग्री का श्रमिक के कारण दोषपूर्ण है। यद्यपि सम्पूर्ण असेम्बली को बदलने की स्वीकृति प्रदान नही की जायेगी। वृहद प्रोडक्शन की अवस्था में जिसमें सम्पूर्ण असेम्बली को बदलना आवश्यक है, आवेदनकर्ता मशीन वापस ले सकता है।
  4. यदि मशीन उपरोक्त किन्हीं कारणों से परीक्षण से वापस ली जाती है तो आवेदनकर्ता को पहले दूसरी मशीन में आवश्यक परिवर्तन समाहित कर या उसके बदले में दूसरी मशीन आपूर्ति करनी होगी। पहली मशीन का परीक्षण प्रतिवेदन जिसमें परीक्षण परिणाम एवं परीक्षण पूर्ण न होने का कारण स्पष्ट रूप से अंकित हो, मशीन वापस लेने के पूर्व तैयार करना होगा। दूसरी मशीन के परीक्षण प्रतिवेदन में पहली मशीन का संदर्भ सम्मिलित होना चाहिए।

6.3 गोपनीय परीक्षण हेतु अतिरिक्त विनियमन

  1. परीक्षण रिपोर्ट आवेदनकर्ता की सम्पत्ति होगी और बिना उसकी सहमति के इसे किसी अन्य व्यक्ति/ संस्था को सूचित नही किया जा सकता। आवेदनकर्ता न तो परीक्षण प्रतिवेदन अथवा इसके किसी अंश को बिना परीक्षण प्राधिकारी के लिखित अनुमोदन के न तो प्रकाशित करेगा और न ही किसी व्यक्ति को उपलब्ध करायेगा। परीक्षण प्रतिवेदन का व्यवसायिक उपयोग नही किया जायेगा।
  2. परीक्षण प्राधिकारी के विवके पर गोपनीय परीक्षण में मशीन में समायोजन, संशोधन अथवा परिवर्तन की स्वीकृति प्रदान की जा सकती है।

6.4 सामान्य शर्तें

  1. आवेदनकर्ता प्रकाशित साहित्य, विस्तृत तकनीकी विशिष्टियाँ, आपरेटर एवं वर्कशाप मैनुअल और मशीन का सचित्र कैटलाग तीन प्रतियों में अंग्रेजी (यदि उपलब्ध हो तो हिन्दी में भी) में उपलब्ध करायेगा। परीक्षण प्राधिकारी द्वारा वांछित अन्य सूचनायें भी आवेदनकर्ता उपलब्ध करायेगा। यह संस्थान में रखा जायेगा।
  2. मशीन का संचालन, रख-रखाव एवं सर्विसिंग निर्माता द्वारा प्रिन्टेड साहित्य में दी गयी विधि के अनुसार किया जायेगा यदि आवेदनकर्ता द्वारा परीक्षण प्रारम्भ करने के पूर्व अन्य विवरण उपलब्ध न कराया गया हो/ जहाँ आवेदनकर्ता द्वारा समायोजन अथवा संचालन परिस्थिति में विकल्प न दिया गया है, सामान्य संचालन प्रक्रिया के लिये उपयुक्त विकल्प का चयन किया जायेगा। भ्रम की स्थिति में परीक्षण प्राधिकारी का निर्णय अन्तिम होगा।
    1. यह सुनिश्चित करना आवेदनकर्ता का दायित्व होगा कि मशीन अच्छी स्थिति में रहे। यदि मशीन को चलाना परीक्षण के पूर्व आवश्यक है तो परीक्षण प्राधिकारी से विचार-विमर्श कर इसे चलाया जा सकता है। आवेदनकर्ता द्वारा मशीन संचालन का विवरण आवेदन पत्र प्रस्तुत करने के समक्ष ही देना होगा।
    2. वास्तविक परीक्षण प्रारम्भ करने के पूर्व आवेदनकर्ता को मशीन टयून करने, समायोजित करने, प्रारम्भिक स्थापना एवं संचालन हेतु स्वीकृति प्रदान की जायेगी। वाणिज्यिक परीक्षण की दशा में सामान्यता परीक्षण के दौरान मशीन में समायोजन की अनुमति प्रदान नही की जायेगी।
    3. परीक्षण प्राधिकारी के विवेक पर परीक्षण के अवलोकन हेतु आवेदनकर्ता के 02 प्रतिनिधि को उचित प्राधिकार पत्र के साथ अनुमति प्रदान की जायेगी। मशीन के निष्पादन (परफार्मेंस) के बारे में आवश्यक वास्तविक आंकडे़ संग्रह करने हेतु प्रतिनिधि का स्वीकृति प्रदान की जा सकती है, किन्तु एकत्रित आंकड़ों अथवा प्रकाशित सूचना से परीक्षण प्राधिकारी का नाम सम्बद्ध नही किया जायेगा।
    4. परीक्षण के दौरान मशीन की परफारमेंस से सम्बन्धित आंकड़े संग्रह करने हेतु स्वीकृति परीक्षण प्राधिकारी के विवेकानुसार प्रदान की जा सकती है।
    5. ट्रैक्टर की फील्ड परफार्मेंस परीक्षण के लिये आवेदनकर्ता को ट्रैक्टर के साथ उपयोग हेतु डिजायन किये गये उपकरण भी उपलब्ध कराना होगा अन्य परीक्षण प्राधिकारी के पास उपलब्ध सहयोगी उपकरणों से परीक्षण कराया जायेगा। इस स्थिति में परीक्षण प्राधिकारी किसी भी टूट-फूट अथवा परिणाम में परिवर्तन पर उत्तरदायी नही होगा।