राज्य कृषि प्रबन्ध संस्थान

रहमानखेड़ा, लखनऊ, उत्तर प्रदेश

शक्ति चालित रोटावेटर

यह यन्त्र खेतो की जुताई के साथ मिट्टी भुरभुरी करनें में प्रयोग किया जाता है। इससे धान के खेत की तैयारी में पडलिंग करनें का कार्य भी लिया जाता है। इसकी ब्लेडों की सहायता से सूखी मिट्टी में लगभग 7-10 सेमी0 गहरी जुताई तथा नरम मिट्टी मे 11-15 सेमी0 की जुताई होती है। अधिक खरपतवार वाली जमीन पर जड़ों को नष्ट करनें के लिए बुआई से पहले इसका प्रयोग लाभदायक होता है। इसमें एक धुरे पर एल आकार के ब्लेड क्रम से लगे होते है जो ट्रैक्टर के पी0टी0ओ0 से शक्ति पाकर एक साथ घुमकर मिट्टी को काटकर भुरभुरी कर देते है। इसमें एक छोटा गेयर बाक्स होता है, जिससे ट्रैक्टर की चाल के अनुरूप यन्त्र के घुमनें की चाल निश्चित की जाती है।

रोटरी टिलर चलानें की सही स्थिति:-

  • उचित प्रयोग के लिए डबल क्लच के ट्रैक्टर को प्रयोग में लेना चाहिए।
  • ट्रैक्टर के टॉप लिंक की लम्बाई में एडजेस्टमेन्ट करें और टॉप मास्ट की ऊपरी सिरे से जोड दे तथा हिच से लगा दे। ऊपरी टॉपलिंक को तब तक एडजेस्ट करें जब तक प्रमुख फ्रेम जमीन पर समानान्तर न हो जाय।
  • यूनिवर्सल शाफ्ट को ट्रैक्टर पी0टी0ओ0 शाफ्ट एवं रोटरी टिलर के गियर बॉक्स की इनपुट शाफ्ट से जोड दे। ट्रैक्टर पी0टी0ओ0 शाफ्ट खाचों में अच्छी तरह बैठ जाये।
  • स्टेब्लाइजर चेन बार का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए जिससे रोटरी टिलर आजू बाजू न हिल सके।

चलाने के समय बरती जाने वाली सावधानियां:-

  • बारीक जुताई और फसल के बाकी बचे हिस्से की अच्छी कटाई के लिए ट्रैक्टर को न्यूनतम गेयर में चलाये।
  • मिट्टी के प्रकार के अनुसार ट्रेलिंग बोर्ड की स्थिति को एडजेस्ट करें।
  • जुताई की गहराई डेप्थ स्किड को ऊपर और नीचे की स्थिति में एडजेस्ट करके प्राप्त की जा सकती है।
  • एक चक्कर पूरा होनें के बाद मोड़नें से पहले रोटरी टिलर को ऊपर उठा दे तथा पी0टी0ओ0 शाफ्ट बन्द कर दे या फिर रोटरी टिलर को 6 इंच ऊपर उठा लें।
  • ट्रैक्टर को निर्धारित आर0पी0एम0 पर ही चलायें।

मशीन का लुब्रीकेशन एवं रखरखाव:-

  • हर रोज सभी नट और बोल्ट कस के जांच लें।
  • ड्राइव शाफ्ट के दोनों जोड़ों (क्रासों) में ग्रीस करें और जांच ले कि ग्रीस सभी चारो कप से बाहर निकली है।
  • ड्राइव शाफ्ट के दोनों हिस्से को अलग करके साफ करें और दोनों स्लीव और शाफ्ट को ग्रीस देकर दोनों को एक साथ फिट करें।
  • प्रत्येक सप्ताह गियर बाक्स में ऑयल लेवल की जांच करें।
  • प्रत्येक सप्ताह गियर केश में ऑयल लेवल की जांच करें।
  • हर 200 घंटे बाद गियर बाक्स को साफ करें और रोटावेटर में 1.5 लीटर SAE 140 अथवा EP 140 ऑयल डालें।
  • हर 200 घंटे बाद गियर केश को साफ करें और रोटावेटर में 3 लीटर SAE 140 अथवा EP 140 ऑयल डालें।