राज्य कृषि प्रबन्ध संस्थान

रहमानखेड़ा, लखनऊ, उत्तर प्रदेश

प्रमुख कार्य

प्रदेश के कृषि एवं लाइन विभागों के अधिकारियों, क्षेत्रीय प्रसार कार्यकर्ताओं का तकनीकी प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास।
कृषक प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास।
बीज उत्पादन का कार्य।
जैव उर्वरकों (कल्चर) का उत्पादन।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत फार्म मशीनरी प्रशिक्षण केन्द्र पर क्षेत्रीय मैकेनिकों एवं कृषकों का सघन प्रशिक्षण एवं विभिन्न कृषि यंत्रों का परीक्षण कार्य।
राज्य औषधीय पादप परिषद के अन्तर्गत मुख्य औषधीय पौधों का संरक्षण (हर्बल गार्डन) एवं कृषक प्रशिक्षण।
प्रदेश के इनपुट डीलर्स का तकनीकि क्षमता विकास ।
कृषि स्नातकों हेतु पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स का संचालन ।

 

1- कृषि एवं संवर्गीय विभागों के अधिकारियों] क्षेत्रीय प्रसार कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण

कृषि एवं संवर्गीय विभागों की आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन विकास हेतु आवश्यक प्रशिक्षणों का आयोजन कराना।

2- आई०ए०एस० एवं पी०सी०एस० अधिकारियों का प्रशिक्षण

देश ⁄ प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि है। बिना कृषि विकास के समृद्धि एवं सम्पन्नता की कल्पना नहीं की जा सकती और भारतीय प्रशासनिक सेवा तथा उ0प्र0 प्रशासनिक सेवा के अधिकारी भी जनपदों में कृषि विकास के कार्यों से जुड़े रहते हैं। इसी को दृष्टिगत रखते हुए इन सेवाओं के अधिकारियों को भी कृषि विभाग के सम्बन्ध में प्रशिक्षित किया जाता है।

3- कृषक प्रशिक्षणः

नवीनतम उत्पादन प्रौद्योगिकी के बारे में विशिष्ट प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

4- बीज उत्पादन कार्यः-

संस्थान में लगभग 70 हे० क्षेत्रफल प्रक्षेत्र पर विभिन्न खरीफ एवं रबी फसलों के प्रमाणित बीज उत्पादन कर कृषि विभाग के माध्यम से कृषकों को उपलब्ध कराया जाता है।

5- जैव उर्वरक का उत्पादनः-

संस्थान में एक जैव उर्वरक उत्पादन की यूनिट है, जिसमें राईजोबियम कल्चर का उत्पादन कर कृषि विभाग के माध्यम से कृषकों को उपलब्ध कराया जाता है।

6- राज्य औषधीय पादप परिषद के अन्तर्गत औषधीय पौधों का संरक्षणः-

इस कार्यक्रम के अन्तर्गत औषधीय फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने सम्बन्धी कार्यक्रमों का संचालन संस्थान द्वारा किया जाता है।

7- कृषि स्नातकों हेतु पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स का संचालनः-

कृषि तथा संवर्गीय विभागों के प्रसार कर्मिकों ⁄ अधिकारियों की तकनीकी एवम् प्रबंधकीय क्षमता के उन्नयन हेतु राष्ट्रीय कृषि प्रसार प्रबन्धन संस्थान (MANAGE, Hyderabad) के माध्यम से एक वर्षीय कृषि प्रसार प्रबन्धन सम्बन्धी पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा प्रदान किये जाने के कार्यक्रम का आयोजन भी संस्थान करता है।

8- कन्सलटेन्सीः-

प्रसार सुधार योजना के लिए आवश्यक परामर्शी सेवा प्रदान करना।

9- डाक्यूमेन्टेशनः-

सफलता की कहानियाँ एवम् उपयोगी साहित्य का अभिलेखीकरण एवं प्रकाशन।