राज्य कृषि प्रबन्ध संस्थान

रहमानखेड़ा, लखनऊ, उत्तर प्रदेश

पैडी ड्रम सीडर

परिचय:-

  • पैडी ड्रम सीडर का उपयोग धान के बीज की बुआई के लिये किया जाता है। इस विधि में दुबारा रोपाई की आवश्यकता नही होती। रोपाई कराने के लिये पूरी लागत बच जाती है। कृषि श्रमिको/मजदूरो की बढ़ती मांग व खर्च से छुटकारा पाया जा सकता है।
  • इस विधि से बुआई सीधी और स्पष्ट पंक्तियों में की जा सकती है। जिससे तैयार होने वाले पौधों में खरपतवार नियंत्रण बहुत आसानी से किया जा सकता है। इस विधि से कृषकों को बीजों की बुआई दर में कमी आने से लाभ होता है।

बुआई के लिए खेत तैयार:-

  • धान के खेत को बुआई से पहले समतल बनाना बहुत आवश्यक हैं। जिससे पानी का भराव खेत में एक समान हो।
  • खेत में अच्छे से पानी भरना अति आवश्यक है। पडलिगं (कीचड तैयार करना) करने से खेत में खरपतवार नियंत्रण बहुत सरल हो जाता है। बुआई करने से 24 घंण्टे पूर्व खेत से पानी बाहर निकाल देना चाहिए।

बुआई का तरीका:-

  • ड्रम सीडर को एक व्यक्ति खीचते हुए सीधी कतार में पैदल चलाता हैं। हैण्डल खीचने पर ड्रम घूमना शुरू हो जायेगे और बीज सीधी कतार में गिरने लगेंगे।
  • पहली लाइन पूरी होने पर ड्रम सीडर को उठाकर वापसी दिशा में रख ले।
  • पहली लाइन वाले पहिये के निशान पर दूसरी लाइन वाला पहिया रखना चाहिये, जिससे कतारो की दूरी में फर्क ना आये।
  • जब ड्रम में बीज 1/4 से कम रह जाये तो ड्रमों को पुनः भर लेना चाहिए।

ड्रम सीडर का रख-रखाव:-

  • एक बार पूरी बुआई खत्म हो जाये तो ड्रम सीडर को खोल कर साफ कर लेना चाहिये।
  • अच्छे से सुखाने के बाद पुनः इस्तेमाल के लिये पैक कर लेना चाहिये।